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भीमताल। ब्लॉक अन्तर्गत पांडे छोड़ के आपदा प्रभावित बीस परिवार इन दिनों भय के छाये में जी रहे हैं। इन परिवारों को हर वक्त किसी अनहोनी घटना की डर सताती रहती है। रात को बारिश होने पर यह लोग पूरी रात जागते गुजारते हैं। बावजूद इसके विस्थापन की शासन -प्रशासन स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है, जबकि यह लोग पिछले साल अक्टूबर में आयी आपदा के बाद लगातार विस्थापन या सुरक्षात्मक कार्य की मांग करते आ रहे हैं। आपदा के बाद प्रदेश के लगभग सभी नेताओं ने आपदा प्रभावित पांडे छोड़ का भ्रमण किया और प्रभावितों के लिए सुरक्षात्मक उपाय करने के भी वायदे किए गये लेकिन अभी तक कोई सुरक्षात्मक कार्य नहीं हो सके हैं। अब कब उनका विस्थापन और कहां होगा इसका इन्हें भी कोई पता नहीं।भीमताल ब्लॉक के पांडेछोड़ के करीब बीस परिवार पिछले साल अक्टूबर में आयी आपदा में ककड़िया नाले से प्रभावित हैं। इन परिवारों के आवासीय भवनों को खासा नुक़सान हुआ था और दरारें पड़ी थी। ऊपर पहाड़ी से भी लगातार भूस्खलन हो रहा है। प्रभावित कमला देवी, बबीता देवी, भवानी देवी, ललित मोहन, विद्यासागर, गिरीश चंद, सुंदरलाल, प्यारेलाल, मनोहर लाल, प्रेम प्रकाश, कृष्णचंद्र, त्रिलोक चंद्र प्रकाश चंद आदि ने बताया वह ककड़िया नाले की चपेट में कभी भी आ सकते हैं। वह इन दिनों हो रही मूसलाधार बारिश से भय में जी रहे हैं। जब उन्हें पिछले साल की याद आती है तो उनकी रूह कांप उठती हैं। पूरी रात बारी-बारी से वह जागते रहते हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से क्षेत्र में हो रहे भूकटाव व भूस्खलन को रोकने के लिए सुरक्षात्मक उपाय करने की मांग की है।

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