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पंतनगर । पंतनगर विश्वविद्यालय में छात्रा के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने आरोपी डॉ. दुर्गेश कुमार को टांडा बैरियर के पास से गिरफ्तार किया है।  आरोपी डॉक्टर यहां से भागने की फिराक में था, जो अब पुलिस की हिरासत में है।  दिवस पंतनगर कृषि अस्पताल में तैनात डॉक्टर दुर्गेश कुमार पर एक छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाते हुए अश्लील हरकते करने का आरोप लगाया था, जिसपर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। जिसके बाद आज आंदोलनरत छात्रों की बात को जिले के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने गंभीरता से सुना। जिसपर मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी स्वयं प्रकरण की मॉनिटरिंग करने लगे और आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी को लेकर टीम का गठन किया। टीम में पंतनगर थानाध्यक्ष राजेद्र डांगी, पुलभट्टा थानाध्यक्ष कमलेश भट्ट व सिडकुल चौकी इंचार्ज पंकज कुमार व उनकी टीम मौजूद रही।

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एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि पंतनगर विश्वविद्यालय में तैनात चिकित्सक पर एक छात्रा ने यौन शोषण व अश्लील हरकतों का आरोप लगाया था। जिस पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था।जिसपर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया। टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज होने के 14 घण्टे बाद आरोपी डॉक्टर को टांडा बैरियर से गिरफ्तार किया है, जोकि कहीं भागने की फिराक में था।

पंतनगर विवि की एक छात्रा ने थानाध्यक्ष पंतनगर को तहरीर देकर बताया कि पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब थी। आराम नहीं मिलने पर वह विवि के डॉ. दुर्गेश कुमार के पास दवाई लेने गई थी। आरोप था कि चिकित्सक ने मुख्य केबिन से हटकर उसे दूसरे कमरे में बुलाया और चिकित्सकीय परीक्षण के नाम पर उसे यूरिन इन्फेक्शन की बात कहते हुए उसके प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ शुरू कर दी। आरोप था कि चिकित्सक ने किसी से चर्चा करने पर उसका भविष्य खराब करने की धमकी भी दी। साथ ही छात्रा ने चिकित्सक पर दुष्कर्म किए जाने का भी आरोप लगाया था।
इसी मामले में पीड़िता ने शिकायती पत्र भी सौंपा था जिसमें कमेटी द्वारा जांच की गई और रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सा अधिकारी दुर्गेश कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था।

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