आदेश -:
देहरादून । प्रदेश के सतर्कता व कार्मिक विभाग ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों, कुमाऊं व गढ़वाल के आयुक्तों सहित सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर विभागों में रिक्त पदों में सीधी भर्ती के लिए अध्याचन भेजने से पूर्व कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, न्याय विभाग तथा वित्त विभाग की पूर्वानुमति अनिवार्य कर दी है ।
आदेश में कहा है कि “सैनिक कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश सख्या-1/387134/XCVII-C-1/2025/02 (07)/2016 टीसी, दिनाक: 03.02.2026 का कृपया सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके माध्यम से मा० उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड, नैनीताल में योजित जनहित याचिका संख्या-116/2018 कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखण्ड राज्य व अन्य में मा० न्यायालय द्वारा पारित निर्णयादेश दिनांकः 12.11.2018 के अनुपालन के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही हेतु दिशा-निर्देश निर्गत किये गए है। उक्त शासनादेश के प्रस्तर-3 के उप प्रस्तर (11) में यह उल्लेख किया गया है कि ऐसे पद, जिनके सापेक्ष उपरोक्त व्यवस्था के अनुसार उपनल कर्मियो को रखा जायेगा, उन पदों के सापेक्ष अधियाचन भेजने से पूर्व सम्बन्धित विभाग द्वारा न्यायिक एवं वित्तीय परिस्थितियों के आलोक में कार्मिक, न्याय एवं वित्त विभाग की पूर्वानुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त की जायेगी।”
2 अतः उपरोक्त के क्रम में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि कृपया विभागान्तर्गत सीधी भर्ती के ऐसे पद, जिनके सापेक्ष सैनिक कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश संख्या-1/367134/XCVII-C-1/2025/02(07)/2016 टीसी, दिनांक 03.02.2026 के प्रावधानों के आलोक में उपनल कर्मियों को रखा जायेगा, उन पदों के सापेक्ष सीधी भर्ती के रिक्त पदों के समस्त अधियाचन / प्रस्ताय चयन संस्था/आयोग को भेजने से पूर्व सम्बन्धित विभाग द्वारा न्यायिक एवं वित्तीय परिस्थितियों के आलोक में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग, न्याय विभाग तथा वित्त विभाग की पूर्वानुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त की जायेगी।



