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नैनीताल। जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गुरुवार देर रात्रि को हाईकोर्ट के समीप पैवेलियन होटल के पीछे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ रात्रि में एक मकान पर अचानक विशालकाय पेड़ गिर गया, जिससे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। हादसे के समय मकान के भीतर 15 लोग मौजूद थे। स्थानीय नागरिकों की तत्परता और सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस, एसडीआरएफ  तथा फायर सर्विस की टीमों ने संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया। अधिकांश लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि मलबे और पेड़ के बीच फंसे एक महिला और दो पुरुषों को रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। इनमें से पैर में गंभीर चोट लगने के कारण एक व्यक्ति को स्ट्रेचर के जरिए एम्बुलेंस से बी.डी. पांडे जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।

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​प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, जनपद में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिसमें कालाढूंगी में सर्वाधिक 43.0 mm, नैनीताल में 24.0 mm और खनस्यू में 22.0 mm बारिश हुई है।

 

 

 

वर्षा के कारण नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर रानीबाग के पास और नैनीताल-भवाली रोड पर पेड़ गिरने से घंटों यातायात बाधित रहा, जिससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके अलावा, प्रसिद्ध कैंची धाम से कुछ दूरी पर पाडली के पास पहाड़ी से लगातार पत्थर और बोल्डर गिरने के कारण मार्ग पर खतरा बना हुआ है।

 

 

 

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने बताया कि अत्यधिक बारिश से नैनीताल क्षेत्र के पिनरो और पिनसोला इलाकों में विद्युत व्यवस्था भी आंशिक रूप से बाधित चल रही है, जिसे बहाल करने का कार्य गतिमान है।

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​लगातार हो रहे भूस्खलन और मलबे के कारण जिले के कुल 11 महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं, जिनमें 02 राज्य मार्ग, 02 मुख्य जिला मार्ग और 07 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं।

 

 

बंद मुख्य सड़कों में रामनगर-भण्डारपानी-अमगढ़ी (राज्य मार्ग-71) और गर्जिया-बेतालघाट-खैरना-मुक्तेश्वर (राज्य मार्ग-62) के साथ-साथ पदमपुरी-सुवाकोट, ढोलीगाँव-धेना, भौरसा-पिनरौ और कोटाबाग-देवीपुरा जैसी ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं। पीएमजीएसयू  और प्रान्तीय खण्ड नैनीताल/रामनगर की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ बंद रास्तों को खोलने के कार्य में जुटी हुई हैं। मौसम के गंभीर रुख को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे बेहद सतर्क रहें और खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।

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