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नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट में जमरानी बांध मामले में रवि शंकर जोशी द्वारा दायर अवमानना याचिका में सुनवाई हुई।
   हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद बाद अगली सुनवाई की तिथि 3 मई तय करते हुए राज्य सरकार को आदेशित किया कि बांध के निर्माण के लिए आवश्यक अनुमतियों की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति  न्यायालय में पेश करे।
पूर्व में गौलापार निवासी याची रवि शंकर जोशी द्वारा उत्तराखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर प्रार्थना की थी कि जमरानी बांध निर्माण शीघ्र किया जाय। यह परियोजना 1975 से सरकारी लापरवाही के कारण लंबित है, जबकि इस योजना के बनने से हल्द्वानी सहित आज पास के क्षेत्र की पेयजल समस्या का समाधान हो जाता और बहुत बड़े क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाती। साथ ही बाढ़ की समस्या से भी निजात मिलती। उक्त जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए  उच्च न्यायालय द्वारा सरकार को आदेशित किया गया था कि बांध निर्माण हेतु आवश्यक अनुमतियों को प्राप्त करने के लिए शीघ्र ही गंभीर कदम उठाए। इसी अवमानना याचिका में सरकार द्वारा पूर्व में अवगत कराया गया की कुछ अनुमतियां मिल गई हैं परंतु कुछ अभी भी लंबित हैं। इस बहुउद्देशीय परियोजना में विद्युत उत्पादन भी जोड़ा गया है।
पूर्व में उच्च न्यायालय द्वारा उक्त मामले में गंभीरता दिखाते हुए जनहित में उक्त बहु उद्देश्यीय परियोजना को शीघ्र सुचारू करने को आदेशित किया गया था।

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