खबर शेयर करें 👉

नैनीताल जिले के दूरस्थ ब्लॉक ओखलकांडा में तहसील मुख्यालय खनश्यूँ के निकटवर्ती गाँव क्वेराला के कई घरों में पिछले साल की बरसात में दरारें आई हुई हैं।

ग्रामीणों ने घरों में आई दरार की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को भी दी थी।लेकिन प्रशासन की ओर से औपचारिकता के तौर पर पीड़ित परिवारों में से कुछ लोगों को आंशिक मुआवजा 1500,2000 व 2500 देकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली । इस मुवावजे से भी बहुत से परिवार  वंचित हैं। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मुकुल सिंह ऐरी ने कहा कि यह आंशिक मुवावजा घरों, स्कूल, पंचायत घर, रास्तों में आई दरार का स्थाई समाधान नहीं है। इसके अलावा समाधान हेतु कोई भी कार्रवाई नहीं हुई ।

ALSO READ:  स्थानांतरण सूची, उत्तराखंड में प्रशासनिक फेरबदल । कुछ आई ए एस और पी सी एस अधिकारियों के विभागों में बदलाव,

इस गावँ में भी बहुत सी जगहों पर जमीन धँस रही है।लेकिन इस गाँव में गरीबों व पीड़ितों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है।

मुकुल सिंह ऐरी ने क्वेराला गाँव का भू-वैज्ञानिकों द्वारा निरीक्षण व सर्वेक्षण करने की मांग की है । जिससे जमीन के धँसने व मकानों में दरारों के पड़ने का कारण पता चल सके और पीड़ित परिवारों को मुआवजा एवं मदद मिल सके।

ALSO READ:  सी आर एस टी इंटर कॉलेज ओल्ड ब्वॉयज एसोसिएशन की द्विवार्षिक कार्यकारिणी का गठन, जगदीश बवाड़ी पुनः अध्यक्ष, खीमराज बिष्ट उपाध्यक्ष, डॉ.मनोज बिष्ट महासचिव, शैलेन्द्र बर्गली उप सचिव, धर्मेंद्र शर्मा कोषाध्यक्ष बने ।

उन्होंने बताया कि गाँव के 60 से अधिक घर प्रभावित हैं । प्रशासन ने कुछ परिवारों को 1500,2000 या 2500 की मुवावजा राशि दी । लेकिन अधिकांश परिवारों को टाल दिया गया है । जिसके लिये प्रशासन ने दैवीय आपदा राहत कोष के मानकों या फिर ग्रामीणों द्वारा पर्याप्त डॉक्यूमेंट न देने का सहारा लिया है । जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है । उन्होंने प्रशासन से सभी प्रभावित परिवारों को मुवावजा देने व गांव का भूगर्भीय सर्वे कराने की मांग की है ।

You missed

You cannot copy content of this page