नैनीताल । उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव हेतु नियुक्त चुनाव अधिकारी ने बार काउंसिल के चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों से चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन करने को कहा है । साथ ही कहा है कि यदि किसी प्रत्याशी के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत मिलती है और शिकायत सही साबित हुई तो ऐसे प्रत्याशी का नामांकन अथवा चुनाव बाद सदस्यता रद्द कर दी जाएगी ।
चुनाव अधिकारी की ओर से बताया गया है कि राज्य बार काउंसिल के चुनावों के लिए प्रत्येक उम्मीदवार से नामांकन शुल्क 1.25 लाख रुपये लिया गया । नामांकन शुल्क लौटाया नहीं जाएगा । इसका उपयोग चुनाव के खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। यदि कोई शेष राशि बचती है, तो उसे राज्य बार काउंसिल के कोष में जमा किया जाएगा।
बताया कि बार काउंसिल से संबंधित चुनावों के उम्मीदवारों द्वारा विज्ञापन, घोषणा, टीवी, समाचार पत्र, हैंडबिल, पैम्फलेट (8 सेमी x 5 सेमी आकार के विजिटिंग कार्ड को छोड़कर), बैनर, पोस्टर, लीफलेट, लाउडस्पीकर, जुलूस, न्यायालय के अंदर और बाहर सार्वजनिक भाषण आदि निषिद्ध होंगे, ताकि विधि पेशे की गरिमा को ठेस न पहुंचे और कोई भी नियमों की अज्ञानता या अन्य व्याख्या का बहाना न बना सके। यदि उम्मीदवार दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम रद्द कर दिया जाएगा।
कोई प्रत्याशी किसी अधिवक्ता को वोट के लिये प्रलोभन नहीं देगा । कदाचार नहीं करेगा और न्यायधीशों, संस्थाओं, अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ अपमानजनक या मानहानि जनक शब्दों का प्रयोग नहीं करेगा।
कहा कि यदि ऐसी शिकायतें चुनाव अधिकारी के समक्ष की जा सकती हैं । चुनाव अधिकारी ऐसी किसी भी शिकायत को पर्यवेक्षक या केंद्रीय चुनाव न्यायाधिकरण को संदर्भित करेंगे और यदि शिकायत सही साबित हुई तो आरोपित प्रत्याशी का नामांकन अथवा चुनाव जीतने की स्थिति में सदस्यता रद्द कर दी जाएगी ।
इधर बार काउंसिल के 25 सदस्य पदों के लिये हुए कुल 104 नामांकन पत्रों की 3 दिन जांच हो रही है । यह जांच प्रक्रिया जारी है ।


