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प्रेस नोट ।
मैं स्वाति नेगी कोटद्वार निवासी नैनीताल हाईकोर्ट में अपने मेंटेनेंस के कैश के सिलसिले में आई थी, यहाँ स्थित एक स्टेडियम में सरकारी सम्पत्ति पर एक भगवा झंडा लगा था जबकि वहीं पर मस्जिद, चर्च, गुरूद्वारा और मंदिर मौजूद जिससे अन्य धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। इस पर मैंने एक वीडियो बनाया और अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर वीडियो पोस्ट कर इस झंडे को हटाने का आग्रह किया है।

इसके बाद सोशल मीडिया पर हिन्दू संगठन, बंजरंग दल द्वारा मुझे ट्रोल किया गया। मेरी पोस्ट पर अभद्र टिप्पणियाँ की गई साथ ही मुझ पर मल्लीताल थाने में नॉनबेलिबल धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। जबकि मेरी एफआईआर ऑनलाइन रजिस्टर नहीं की गई थी।

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मल्लीताल थाने की पुलिस द्वारा लगातार मेरा मानसिक उत्पीड़न किया गया। इसके बाद हाईकोर्ट से मुझे राहत मिली है। हाईकोर्ट ने पुलिस से जवाब माँगा है कि आखिर पुलिस ने इतनी संगीन धाराओं में मामला कैसे दर्ज कर दिया?

जबकि मेरी पोस्ट पर मर्यादाओं को तार-तार करने वाले अश्लील टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ मेरे द्वारा SSP को भी शिकायत दी गई थी किंतु उस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। मैं पूछना चाहती हूं गलत के खिलाफ मेरे द्वारा आवाज उठाने पर मेरे खिलाफ इतने संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया जबकि मेरी शिकायत पर कोई एक्शन ना लिए जाना इस देश में महिलाओं को किस चोरों का न्याय मिल रहा है।

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मेरी मांग है कि मेरी पोस्ट पर अभद्र अश्लील टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई हो और जिस भगवे झंडे को लेकर मेरे द्वारा वीडियो बनाई गई थी उस झंडे को उतारकर उसे लगाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही हो।

 

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